देहरादून: परेड ग्राउंड में धरना दिया तो दर्ज होगा मुकदमा, अब यहां होंगे धरना-प्रदर्शन
देहरादून के परेड ग्राउंड के पास स्थित धरना स्थल पर अब कोई भी व्यक्ति या संगठन धरना-प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। ऐसा करने वालों पर मुकदमा दर्ज होगा। जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। साथ ही नोटिस जारी किया कि लोग अब अधोईवाला स्थित धरना स्थल पर ही धरना-प्रदर्शन करें। 
 

डीएम ने कहा कि अब शहर में होने वाले सभी धरना-प्रदर्शन परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल के बजाय अधोईवाला में होंगे। इसे लेकर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट की ओर से आदेश जारी कर दिया गया है। यातायात और सुरक्षा को देखते हुए परेड ग्राउंड के पास होने वाले धरना स्थल को शिफ्ट किया जा रहा है।

इसे लेकर उप नगर आयुक्त से धरना स्थल को लेकर स्थान चिह्नित करने को कहा था। इसके बाद अधोईवाला के खसरा नं. 196 व 205 धरना स्थल शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया है। अब किसी भी संगठन को परेड ग्राउंड के पास धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी जा रही है। अगर कोई ऐसा करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। 


धरना स्थल की खुदाई शुरू 



देहरादून स्मार्ट सिटी लि. (डीएससीएल) ने बुधवार को परेड ग्राउंड स्थित धरना स्थल पर जेसीबी से खुदाई शुरू कर दी है। यहां करीब 21 करोड़ रुपये की लागत से परेड ग्राउंड का कायाकल्प किया जाना है। वहीं, दूसरी ओर यहां धरना-प्रदर्शन कर रहे विभिन्न संगठनों के लोगों ने नाराजगी जताई। 

डीएससीएल की टीम सुबह जेसीबी लेकर परेड ग्राउंड स्थित धरना-स्थल की खुदाई शुरू कर दी। जिसे लेकर वहां धरना दे रहे गैरसैंण राजधानी निर्माण अभियान, उत्तराखंड बेरोजगार संगठन ने इसका विरोध किया।

उनका कहना था कि धरना स्थल दूसरी जगह शिफ्ट न किया जाए। मौजूदा धरना स्थल शहर के बीच है। ऐसे में अगर इसे सहस्त्रधारा रोड भेजा जाएगा तो परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि इसे लेकर प्रदर्शन किया जाएगा।