हेलमेट निर्माता कंपनी के पांच लोगों में कोरोना की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन उद्योग में इन लोगों के संपर्क में आए करीब 50 लोगों का परीक्षण अभी तक नहीं किया गया है। ये लोग नियमित रूप से उद्योग में आ रहे थे। नवरात्र के दौरान उद्योग के अंदर मंदिर में पूजा में भी शामिल हुए थे। इनमें संक्रमित लोगों के कमरे के सफाई कर्मी और रसोइये से लेकर गेट पर सुरक्षा में तैनात कर्मचारी भी शामिल हैं।
मामला उजागर होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नौ लोगों के कोरोना टेस्ट किए हैं। इनमें पांच पॉजिटिव रहे हैं, जबकि एक महिला की मौत हो गई है। शुरुआत में स्वास्थ्य विभाग ने उन्हीं नौ लोगों पर ध्यान केंद्रित किया, जो दिल्ली से झाड़माजरी आए थे। इनमें हेलमेट निर्माता उद्योग के संस्थापक निदेशक व उनकी पत्नी समेत चार परिवार के कुल सात सदस्य शामिल थे। दो अन्य चालकों के टेस्ट लिए हैं, जो इन्हें दिल्ली से लाए थे।
सभी लोग 15 मार्च से उद्योग परिसर में बने विश्रामगृह में रह रहे थे। उद्योग के कर्मचारियों के संपर्क में भी थे। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सभी लोगों की थर्मल स्कैनिंग की है और इन्हें क्वारंटीन कर दिया है। बीएमओ डॉ. केडी जस्सल ने बताया कि हेलमेट निर्माता उद्योग से जुड़े सात सैंपल अभी तक लिए गए हैं। दो सैंपल पीजीआई में लिए गए थे। अन्य लोगों की थर्मल स्कैनिंग की गई है। सभी को क्वारंटीन किया है। यदि कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो विभाग सैंपल लेगा।
क्वारंटीन सेंटर से निकाले जा रहे थे कामगार, उद्योग प्रबंधन पर केस
हेलमेट निर्माता उद्योग में क्वारंटीन सेंटर से कामगारों को चोरी-छिपे निकालने का मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने कंपनी प्रबंधन पर मामला दर्ज किया है। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन कामगारों को गुपचुप तरीके से बाहर निकाल रहा था। पुलिस ने गुप्त सूचना पर दबिश देकर कामगारों को उद्योग से बाहर निकलते मौके पर पकड़ लिया।
इसके बाद प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक रोहित मालपानी ने कहा कि सरकार के आदेशों की अवमानना करने पर कंपनी पर भादंसं की धारा 188, 269, 270 व माहमारी अधिनियम 1997 की सेक्शन-3 और आपदा प्रबंधन की सेक्शन-51 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।